ब्रेकिंग
अफीम की अवैध खेती पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का कड़ा रुख प्रशिक्षु न्यायाधीश लोकतंत्र के तीसरे स्तंभ के रूप में निभाएंगे महत्वपूर्ण भूमिका : मुख्यमंत्री श्री... बिजली उपभोक्ताओं की पीड़ा को दूर करेगी समाधान योजना : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय पटरीपार सिकोला भाटा सब्जी मार्केट में निगम की बड़ी कार्रवाई, नाली के ऊपर बने 35 से अधिक अवैध निर्माण... छत्तीसगढ़ में घरेलू एलपीजी गैस एवं डीजल-पेट्रोल का पर्याप्त स्टॉक, आपूर्ति व्यवस्था पर सतत निगरानी क... कबीरधाम में सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए शुरू होगी बड़ी मुहिम नगरपालिकाओं एवं त्रिस्तरीय पंचायतों के आम / उप निर्वाचन 2026 हेतु निर्वाचक नामावली कार्यक्रम जारी मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में छत्तीसगढ़ राजधानी क्षेत्र विकास प्राधिकरण (SCR) की पहली बैठक आयोजित प्रतिबंधित प्लास्टिक के खिलाफ निगम की सख्त कार्रवाई, कई दुकानों से डिस्पोजल गिलास व झिल्ली पन्नी जब्... राज्यपाल ने संत शदाराम साहिब भाषा भवन का किया शिलान्यास
रायपुर

कॉमेडी वीडियो को लेकर चर्चित यूट्यूबर अमलेश नागेश विवादों में, जातीय भावनाएं आहत करने का आरोप

रायपुर: छत्तीसगढ़ी फिल्मों और यूट्यूब पर चर्चित कॉन्टेंट क्रिएटर अमलेश नागेश इन दिनों एक कॉमेडी वीडियो को लेकर विवादों में घिर गए हैं। हाल ही में पोस्ट किए गए इस वीडियो के संबंध में रायपुर एसपी कार्यालय में उनके खिलाफ जातीय और धार्मिक भावनाएं आहत करने की शिकायत दर्ज कराई गई है। हालांकि अभी तक इस मामले में कोई एफआईआर दर्ज नहीं की गई है।

क्या है मामला?

यह वीडियो हाल ही में प्रोड्यूसर सतीश जैन और मोहित साहू के बीच सोशल मीडिया पर हुई बहस पर आधारित बताया जा रहा है। अमलेश नागेश ने इसे “रोस्ट वीडियो” के रूप में प्रस्तुत किया, जिसमें व्यंग्य और तंज का प्रयोग कर उस बहस की झलक दिखाई गई थी। वीडियो में एक फिल्म के संदर्भ में “शौचालय निर्माण” जैसे संवाद को लेकर आपत्ति जताई गई, जिसे कुछ लोगों ने सांस्कृतिक और धार्मिक भावनाओं के खिलाफ माना।

शिकायत में क्या कहा गया?

शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि वीडियो में अमलेश ने जातिगत संकेत दिए, जिससे एक विशेष समुदाय की भावनाएं आहत हुई हैं। उनका दावा है कि यह सिर्फ हास्य नहीं, बल्कि सांस्कृतिक और धार्मिक मान्यताओं का अपमान था।

समर्थन और विरोध दोनों पक्ष सक्रिय

वहीं, सोशल मीडिया पर और कलाकार समुदाय के बीच इस मामले को लेकर मतभेद हैं। कई लोग इसे कॉन्टेंट की अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता से जोड़ते हुए, इसे अनावश्यक रूप से विवादित बताया है। उनका कहना है कि अमलेश ने किसी का नाम नहीं लिया, और यह विवाद मात्र सांकेतिक व्याख्या का नतीजा है।

अब आगे क्या?

फिलहाल पुलिस इस शिकायत की जांच कर रही है और यह तय किया जा रहा है कि यह मामला आईटी एक्ट या किसी अन्य धाराओं के तहत आता है या नहीं। जांच के बाद ही कानूनी कार्रवाई तय की जाएगी।

फेसबुक पर सतीश जैन और मोहित साहू के बीच बहस

उसी बहस पर आधारित अमलेश नागेश का व्यंग्यात्मक वीडियो

‘डोली लेके आजा’ टीम ने फिल्म के संदर्भ और डायलॉग पर जताई आपत्ति

वीडियो में स्पष्ट नाम न होने के बावजूद मानी गई सांकेतिक टिप्पणी

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button